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भारत में भी अपना मुंह बंद रखे, रोहित शर्मा ने ऐसा क्यों कहा?

रोहित ने मैच के बाद कहा, ‘‘जब आप दुनिया के इस हिस्से में आते हो तो यहां हमेशा ही मुश्किल होती है लेकिन भारत के बाहर हमें अपने प्रदर्शन पर गर्व है। दक्षिण अफ्रीका हमेशा हमारे लिए चुनौती पेश करता है और यहां आकर जीत हासिल करके हम गर्व महसूस …

By Hindi News 24x7 - News Editor
Last Updated: 05 जन, 2024
भारत में भी अपना मुंह बंद रखे, रोहित शर्मा ने ऐसा क्यों कहा?

रोहित ने मैच के बाद कहा, ‘‘जब आप दुनिया के इस हिस्से में आते हो तो यहां हमेशा ही मुश्किल होती है लेकिन भारत के बाहर हमें अपने प्रदर्शन पर गर्व है।

दक्षिण अफ्रीका हमेशा हमारे लिए चुनौती पेश करता है और यहां आकर जीत हासिल करके हम गर्व महसूस कर सकते हैं.’’भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला 2 दिन भी नहीं खेला जा सका।

तेज और बाउंसी पिच पर विकटों का पतझर देखने को मिला और नतीजा महज डेढ दिन में ही आ गया. रोहित शर्मा के चेहरे पर भारत के दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाने का दर्द साफ झलक रहा था।

कप्तान ने कहा कि वे गुरुवार को दूसरे टेस्ट में मिली सात विकेट की जीत पर गर्व महसूस करेंगे।

भारत ने सेंचुरियन में सीरीज के शुरूआती मैच में पारी और 32 रन से हार के बाद शानदार वापसी की और पांच सेशन के अंदर दूसरे टेस्ट में जीत से दो मैच की सीरीज 1-1 से बराबर कराई।

रोहित ने मैच के बाद कहा, ‘‘जब आप दुनिया के इस हिस्से में आते हो तो यहां हमेशा ही मुश्किल होती है लेकिन भारत के बाहर हमें अपने प्रदर्शन पर गर्व है।

दक्षिण अफ्रीका हमेशा हमारे लिए चुनौती पेश करता है और यहां आकर जीत हासिल करके हम गर्व महसूस कर सकते हैं.’’उन्होंने कहा, ‘‘हम सीरीज जीतना पसंद करते. हमने बहुत अच्छी वापसी की, विशेषकर हमारे गेंदबाजों ने. हमारी कुछ योजनाएं थीं और खिलाड़ियों को इनका फायदा मिला।

हम जानते थे कि यह मैच छोटा होगा, हम जानते थे कि रन मायने रखेंगे इसलिए पहली पारी की बढ़त हासिल करना बहुत ही महत्वपूर्ण था।

रोहित ने तीखे लहजे में कहा, “मुझे ऐसी पिचों पर खेलने में किसी तरह की कोई भी परेशानी नहीं है तब तक जब तक कि भारत में आकर खेलने वाले सभी लोग हमारी पिचों पर अपना मुंह बंद रखें।

कोई भी भारत की पिचों पर किसी तरह की शिकायत ना करे. हम यहां बाउंसी पिचों पर खेलते हैं और कोई शिकायत नहीं करते तो भारत की पिचों पर खेलने वालों को भी अपना मुंह बंद ही रखा चाहिए।

हम यहां पर खेलने आए हैं क्योंकि अपने आप को चुनौती देना चाहते थे ऐसे ही जब लोग भारत में खेलने आते हैं तो उनके लिए भी ऐसी ही चुनौती वहां होती है।

 

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